Karpuri Thakur Bharat Ratan: जननायक कर्पूरी ठाकुर Bharat ratan पाने वाले 5वें बिहारी हैं। जननायक कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देने की घोषणा पर उनके पुत्र डॉ. बीरेंद्र ठाकुर भावुक हो गये। उन्होंने कहा कि देश के सच्चे सपूत को सम्मान मिला है। हमलोगों को पूरा विश्वास था कि उन्हें एक दिन यह सम्मान जरूर मिलेगा। आज वह दिन आ गया है।
Bharat Ratan पाने वाले बिहारी
इसके पहले बिहार की शख्सियतें, डा. विधानचंद्र राय, Bharat के पहले राष्ट्रपति डा. राजेन्द्र प्रसाद, सम्पूर्ण क्रांति आंदोलन के जनक जेपी और शहनाई के जादूगर उस्ताव बिस्मिल्लाह खान Bharat ratan से सुशोभित हो चुके हैं। पटना में जन्म लेने वाले डॉ. विधानचंद्र रॉय को 1961 में भारत रत्न से नवाजा गया था।
स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद को राजनैतिक और सामाजिक योगदान के लिए 1962 में Bharat ratan मिला। लोकनायक जयप्रकाश नारायण को 1999 में Bharat Ratan दिया गया था। बिहार के बक्सर में जन्म लेने वाले मशहूर शहनाई वादक उत्साद बिस्मिल्लाह खां को 2001 में Bharat ratan दिया गया था। और इस कड़ी को समृद्ध करते हुए अब भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर को दिया गया है। बिहार से जुड़ी इन सभी शख्सियतें को भारत रत्न मिले हैं।
कौन थे कर्पूरी ठाकुर
समाजवादी आंदोलन के पुरोधा जननायक कर्पूरी ठाकुर को Bharat Ratan देने की मांग लंबे समय से की जा रही है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल में जननायक को भारत रत्न देने का प्रस्ताव कई बार केंद्र सरकार को भेजा जा चुका है। जननायक के निधन के बाद से लेकर अब तक आधा दर्जन से अधिक बार विधानमंडल की ओर से सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित कर केंद्र से भारत रत्न देने की मांग की जा चुकी है। इसमें पांच बार तो नीतीश सरकार ने ही इसकी अनुशंसा केन्द्र सरकार से की है। इसके अलावा कई गैर सरकारी संगठनों की ओर से भी जननायक को भारत रत्न देने की मांग की जाती रही है।
पीएम का शुक्रगुजार हूं : बीरेंद्र ठाकुर
मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शुक्रगुजार हूं। उन्होंने कहा कि मेरे पिता जीवनभर गरीबों और वंचितों की सेवा करते रहे। वह सादगी के मिसाल थे। हमलोगों को भी वह यही सिखाते थे कि गरीब की सेवा करते रहना। अपने बच्चों को अच्छे से पढ़ाना। जननायक कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देने की घोषणा पर उनके पुत्र डॉ. बीरेंद्र ठाकुर भावुक हो गये। उन्होंने कहा कि देश के सच्चे सपूत को सम्मान मिला है। हमलोगों को पूरा विश्वास था कि उन्हें एक दिन यह सम्मान जरूर मिलेगा। आज वह दिन आ गया है।
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